त्रिपुरा DGP अनुराग धनखड़ का निधन: पुलिस सेवा में 3 दशक का बेमिसाल सफर, जांच जारी
अगरतला: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ के आकस्मिक निधन से प्रशासनिक और पुलिस हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना की जानकारी सामने आते ही पूरे राज्य में हलचल मच गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है।
मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम, मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच अधिकारियों और मेडिकल विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने लिया हालात का जायजा
घटना की सूचना मिलते ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तुरंत पुलिस मुख्यालय और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा लिया और अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष व गहन जांच के निर्देश दिए।
मुख्य बिंदु:
- पुलिस ने मामले की जांच आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है।
- मौत के कारणों का सही खुलासा पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही होगा।
तीन दशकों का गौरवशाली सेवा काल
अनुराग धनखड़ त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी थे। उन्होंने मई 2025 में त्रिपुरा के राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में पदभार ग्रहण किया था।
अपने 30 वर्षों से अधिक के लंबे और निष्कलंक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं:
- त्रिपुरा पुलिस: राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान।
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI): राष्ट्रीय स्तर की जटिल जांचों का नेतृत्व।
- सीमा सुरक्षा बल (BSF): देश की सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका।
- संयुक्त राष्ट्र (UN): कोसोवो शांति मिशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व।