झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक सिरफिरे शख्स ने चेहरे पर काली स्याही फेंक दी। शुक्रवार को JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के विरोध में विधानसभा घेराव के लिए निकले मार्च के दौरान यह वाकया हुआ। लेकिन इस हमले के तुरंत बाद नेहा बोरा के तेवरों ने आंदोलन को और ज्यादा आक्रामक बना दिया है।
'हम स्याही से भविष्य लिखेंगे' — नेहा बोरा का करारा जवाब
स्याही से चेहरा और कपड़े सने होने के बावजूद नेहा बोरा पीछे नहीं हटीं। उन्होंने उसी हालत में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "उनके लिए स्याही दूसरों को शर्मिंदा करने का जरिया हो सकती है, लेकिन हम इसी स्याही से देश का भविष्य लिखेंगे। मैं इस स्याही को गर्व के साथ पहनती हूं।"
जो लोग सोचते हैं कि वे स्याही फेंककर देश भर के युवाओं और छात्रों के बढ़ते गुस्से को ठंडा कर देंगे, उन्हें मेरी खुली चुनौती है। अगर यह छात्र आंदोलन आपकी नफरत की राजनीति की जड़ों को न हिला सके, तो ऐसी राजनीति पर धिक्कार है।" — नेहा बोरा
हमले की वजह और आरोपी का विवादित बयान
घटना के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस हिरासत में ले जाए जाने के दौरान आरोपी ने पत्रकारों से चिल्लाकर कहा, "मैं नेहा बोरा को पसंद नहीं करता क्योंकि वह उमर खालिद का समर्थन करती हैं। वे सब देशद्रोही हैं, इसलिए मैंने स्याही फेंकी।"
वहीं दूसरी ओर, नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि हमलावर 'आरएसएस-भाजपा' से जुड़ा गुंडा था, जिसने हमला करते वक्त धार्मिक नारे भी लगाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों की भूख हड़ताल, लाठीचार्ज और पेलेट गन झेल चुकीं छात्राएं स्याही फेंकने जैसी हरकतों से डरने वाली नहीं हैं।
JPSC और JSSC परीक्षा धांधली को लेकर जंग तेज
यह पूरा विवाद 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सर्विसेज परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर शुरू हुआ है। छात्रों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- सरकारी भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित किया जाए।
- पेपर लीक और धांधली की सीधी जिम्मेदारी सरकार ले, न कि केवल प्राइवेट एजेंसियों पर ठीकरा फोड़े।
- भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी सभी निजी एजेंसियों को परीक्षा प्रणाली से तत्काल बाहर का रास्ता दिखाया जाए।
सोनम वांगचुक और सोनाक्षी सिन्हा का मिला समर्थन
झारखंड का यह छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। प्रसिद्ध शिक्षाविद और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से वीडियो कॉल पर बात कर अपना समर्थन जताया। इसके अलावा, बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की आवाज का समर्थन किया है। हालांकि झारखंड सरकार ने गतिरोध दूर करने के लिए बातचीत का न्योता दिया है, लेकिन छात्र ठोस लिखित आश्वासन पर अड़े हुए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: नेहा बोरा पर रांची में स्याही क्यों फेंकी गई?
A1: JPSC और JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक आरोपी ने नेहा बोरा पर स्याही फेंकी। आरोपी ने दावा किया कि वह नेहा बोरा द्वारा पूर्व JNU छात्र उमर खालिद के समर्थन से नाराज था।
Q2: झारखंड में छात्र किस बात को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं?
A2: छात्र 14वीं JPSC सिविल सर्विसेज और JSSC-CGL भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और निजी एजेंसियों की गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
Q3: इस छात्र आंदोलन को किन प्रमुख हस्तियों का समर्थन मिला है?
A3: इस आंदोलन को लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और कई राष्ट्रीय छात्र संगठनों का समर्थन मिला है।