Chandauli Semra Domri Sand Market Danger : क्या चंदौली प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? जिला चंदौली के ग्राम सभा सेमरा से डोमरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर इन दिनों हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि ग्रामीणों और मासूम स्कूली बच्चों का अपने घरों से बाहर निकलना तक दूभर हो गया है।
वजह है इस मार्ग पर बेतरतीब तरीके से खड़े रहने वाले गिट्टी और बालू से लदे भारी-भरकम वाहन। दिन-रात लगने वाले भीषण जाम ने पूरे इलाके के लोगों की दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
स्कूली बच्चों और राहगीरों की जान खतरे में
सेमरा-डोमरी मार्ग केवल दो गांवों को ही नहीं जोड़ता, बल्कि यह आसपास के कई स्कूलों और बाज़ारों तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है। सुबह के वक्त जब मासूम बच्चे हाथों में बस्ता लिए स्कूल जाने को निकलते हैं, तब ओवरलोड डंपर और ट्रक सड़कों पर रेंगते दिखाई देते हैं।
कई बार बच्चे घंटों इस खतरनाक जाम में फंसे रहते हैं। तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के बीच से गुजरते वक्त किसी भी पल अनहोनी होने की आशंका बनी रहती है, जिससे अभिभावक भी दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
"सड़क के दोनों ओर ट्रकों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। बच्चे धूल और धुएं के बीच से जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।" — स्थानीय ग्रामीण
अवैध बालू मंडी बनी मुख्य आफत
ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में अवैध और अव्यवस्थित रूप से बालू मंडी का संचालन किया जा रहा है। बालू और गिट्टी लदे वाहनों को सड़क पर ही खड़ा करके खरीद-बिक्री की जाती है, जिससे आधी सड़क पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है।
- घंटों का जाम: सुबह से लेकर देर रात तक रुक-रुक कर लग रहे जाम से एंबुलेंस जैसी आपातकालीन गाड़ियां भी फंस जा रही हैं।
- टूटती सड़कें: क्षमता से अधिक बालू लादे ओवरलोड गाड़ियों की वजह से पूरी सड़क गड्डों में तब्दील हो चुकी है।
- स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: गाड़ियों से उड़ती बालू और धूल से राहगीरों और आसपास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत आ रही है।
प्रशासनिक सुस्ती पर उठ रहे गंभीर सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस विकराल समस्या की सूचना पुलिस और स्थानीय प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन बालू मंडी संचालकों के रसूख के आगे जिम्मेदार अफसर मौन साधे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर तुरंत संज्ञान लेता है या किसी हादसे के बाद ही नींद से जागेगा।