Breaking
► घर की खुदाई में मजदूरों को मिला 98 करोड़ का खजाना, दीवारों के अंदर छिपे थे सोने के बिस्किट और सिक्के! ► वाराणसी एयरपोर्ट पर अचानक चली गोली, मची अफरा-तफरी; मैगजीन निकालते वक्त हुआ हादसा ► पाक राष्ट्रपति का भूगोल-इतिहास कमजोर! डूरंड लाइन पर जंग का दावा कर उड़े मजाक ► सरकार गिराने के लिए काला जादू? शिवमोगा मंदिर कांड पर सीएम रेवंत रेड्डी का बड़ा खुलासा ► जब बड़े भाई ने अटलजी से कहा था- 'ससुराल मेरी और मजे तुम उड़ाते हो' ► किराने का बिल हो गया है भारी? अपनाएं ये 7 स्मार्ट तरीके, हर महीने होगी भारी बचत ► मुंबई के घर के अंदर चल रही थी गांजे की हाई-टेक खेती, पुलिस भी हैरान ► अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि: जब देश ने याद किया 'अजातशत्रु' का वह ओजस्वी नेतृत्व ► रातों-रात स्टार बनीं मनीषा कोइराला: कैंसर को हराने और हीरामंडी तक का सफर ► गांधी की अहिंसा और प्रभास की बंदूक... ‘फौजी’ का पहला लुक हिला देगा ► घर की खुदाई में मजदूरों को मिला 98 करोड़ का खजाना, दीवारों के अंदर छिपे थे सोने के बिस्किट और सिक्के! ► वाराणसी एयरपोर्ट पर अचानक चली गोली, मची अफरा-तफरी; मैगजीन निकालते वक्त हुआ हादसा ► पाक राष्ट्रपति का भूगोल-इतिहास कमजोर! डूरंड लाइन पर जंग का दावा कर उड़े मजाक ► सरकार गिराने के लिए काला जादू? शिवमोगा मंदिर कांड पर सीएम रेवंत रेड्डी का बड़ा खुलासा ► जब बड़े भाई ने अटलजी से कहा था- 'ससुराल मेरी और मजे तुम उड़ाते हो' ► किराने का बिल हो गया है भारी? अपनाएं ये 7 स्मार्ट तरीके, हर महीने होगी भारी बचत ► मुंबई के घर के अंदर चल रही थी गांजे की हाई-टेक खेती, पुलिस भी हैरान ► अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि: जब देश ने याद किया 'अजातशत्रु' का वह ओजस्वी नेतृत्व ► रातों-रात स्टार बनीं मनीषा कोइराला: कैंसर को हराने और हीरामंडी तक का सफर ► गांधी की अहिंसा और प्रभास की बंदूक... ‘फौजी’ का पहला लुक हिला देगा

चन्दौली के घने जंगलों में 3 दिन तक भूखे-प्यासे अटके रहे चरवाहा रामलाल, ड्रोन की मदद से ऐसे बची जान

चन्दौली के घने जंगलों में 3 दिन तक भूखे-प्यासे अटके रहे चरवाहा रामलाल, ड्रोन की मदद से ऐसे बची जान

क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान सिर्फ रास्ता भटक जाने की वजह से अपने ही घर से कोसों दूर, घने जंगलों के बीच तीन दिनों तक दुनिया से कट जाए? उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने हर किसी की सांसे अटका दी थीं। नौगढ़ के जंगलों में तीन दिनों से लापता एक बुजुर्ग चरवाहे को आखिरकार सुरक्षित ढूंढ निकाला गया है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

बकरियां चराने निकला था बुजुर्ग, फिर लौटकर नहीं आया

घटना चन्दौली के नौगढ़ थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाले रामलाल नाम के एक बुजुर्ग चरवाहा रोज की तरह अपनी 22 बकरियों को लेकर जंगल की तरफ गए थे। शाम ढलने तक जब मवेशी और रामलाल वापस नहीं लौटे, तो परिवार के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी। आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।

थक-हारकर परिजनों ने स्थानीय थाने में रामलाल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला एक बुजुर्ग और घने जंगल से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने भी इसे गंभीरता से लिया और फौरन एक्शन मोड में आ गई।

ड्रोन टेक्नोलॉजी बनी मददगार, ऐसे चला सर्च ऑपरेशन

नौगढ़ का जंगल अपनी भौगोलिक बनावट और सघनता के लिए जाना जाता है, जहां इंसानों के लिए रास्ता भटक जाना आम बात है और वहां बिना किसी नेटवर्क के तलाश करना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में चंद्रप्रभा चौकी पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया।

  • सर्च ऑपरेशन की मुख्य बातें:
  • पुलिस ने घने जंगलों में तलाश के लिए हाई-टेक ड्रोन कैमरों की मदद ली।
  • चन्द्रप्रभा चौकी इंचार्ज और उनकी टीम ने पैदल ही दुर्गम रास्तों पर काम्बिंग की।
  • लगातार 3 दिनों की मशक्कत के बाद जंगल के एक दूरदराज हिस्से में रामलाल को खोज निकाला गया।

भूख-प्यास से बेहाल थे रामलाल, साथ थीं बकरियां

जब पुलिस टीम रामलाल तक पहुंची, तो वे बेहद कमजोर और डरे हुए हालत में थे। लगातार तीन दिनों तक जंगल में फंसे रहने के कारण उनके पास खाने को कुछ नहीं था और वे पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे थे। हालांकि, राहत की बात यह थी कि उनकी सभी 22 बकरियां भी उनके साथ सुरक्षित थीं।

पुलिस ने तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार दिलाया और सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। रामलाल के वापस घर लौटने पर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. चरवाहा रामलाल चन्दौली के किस जंगल में लापता हुए थे?

रामलाल चन्दौली जिले के नौगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घने जंगलों में लापता हुए थे।

2. रामलाल को ढूंढने में पुलिस की मदद किसने की?

पुलिस ने आधुनिक तकनीक यानी ड्रोन कैमरों की मदद ली और चन्द्रप्रभा चौकी पुलिस ने गहन सर्च ऑपरेशन चलाकर उन्हें खोज निकाला।

3. रामलाल कितने दिनों तक जंगल में फंसे रहे?

रामलाल रास्ता भटकने की वजह से पूरे 3 दिनों तक जंगल में फंसे रहे थे, जिन्हें सकुशल उनके परिवार को सौंप दिया गया है।

✍️

रिपोर्टर: Kavya Tripathi

यह खबर हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च और प्रामाणिकता के साथ पब्लिश की गई है। हम आप तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।