कड़ी मेहनत और पक्के इरादों के आगे बड़ी से बड़ी मंजिल भी छोटी पड़ जाती है। इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के शाहगंज के रहने वाले युवा हाशिर शेख ने। देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में शुमार बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS Pilani), राजस्थान में हाशिर का चयन हुआ है। न सिर्फ उनका चयन हुआ है, बल्कि संस्थान ने उनकी प्रतिभा का सम्मान करते हुए उन्हें हर साल लगभग तीन लाख रुपये की भारी-भरकम छात्रवृत्ति (Scholarship) देने का भी ऐलान किया है।
सफलता का सफर: लखनऊ से राजस्थान तक का रास्ता
हाशिर शेख की शुरुआती और स्कूली शिक्षा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) से पूरी हुई है। स्कूल के दिनों से ही उनकी पठन-पाठन में गहरी रुचि थी। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में बैठने का वक्त आया, तो उन्होंने भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी खुद की राह चुनी।
सामान्य तौर पर छात्र बारहवीं के बाद तुरंत कॉलेज की दौड़ में शामिल हो जाते हैं, लेकिन हाशिर ने एक साल का ड्रॉप लेकर पूरी तरह से अपनी तैयारी पर फोकस करने का फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि एक साल का गैپ लेना मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन उनकी यह मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपनी लगन के दम पर बीआईटीएस पिलानी जैसे देश के अव्वल दर्जे के संस्थान में अपनी जगह पक्की कर ली।
परिवार में जश्न का माहौल, बधाई देने वालों का तांता
जैसे ही हाशिर के बीआईटीएस पिलानी में चयन और तीन लाख सालाना स्कॉलरशिप की खबर उनके घर पहुंची, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। शाहगंज समेत पूरे इलाके में उनके घर बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है।
- पिता डॉ. रफीक फारूकी (चिकित्सा अधीक्षक) और माता डॉ. मारिया फारूकी अपने बेटे की इस उपलब्धि से बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।
- रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हाशिर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- माता-पिता का कहना है कि हाशिर की यह सफलता उसकी रात-दिन की मेहनत और अनुशासन का परिणाम है।
तीन लाख की स्कॉलरशिप: आर्थिक बोझ से राहत
आज के दौर में उच्च शिक्षा हासिल करना कई प्रतिभाशाली छात्रों के लिए आर्थिक रूप से कठिन हो जाता है। ऐसे में बीआईटीएस पिलानी द्वारा हाशिर को प्रतिवर्ष लगभग तीन लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिलना उनके परिवार के लिए एक बड़ी राहत है। यह स्कॉलरशिप न केवल उनके हौसले को और बुलंद करेगी, बल्कि उन्हें बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पूरी ऊर्जा पढ़ाई और इनोवेशन में लगाने का मौका देगी।
अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा
हाशिर शेख की यह कहानी उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी सीख और प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों या एक साल की असफलता से घबरा जाते हैं। सही रणनीति, लगातार अभ्यास (Consistency) और माता-पिता के आशीर्वाद से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। हाशिर का यह सफर यह साबित करता है कि अगर सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने का जज्बा पक्का हो, तो सफलता जरूर मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रશ્न 1: हाशिर शेख का चयन किस संस्थान में हुआ है?
उत्तर: हाशिर शेख का चयन देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान बीआईटीएस पिलानी (BITS Pilani, Rajasthan) में हुआ है।
प्रશ્न 2: हाशिर को कितनी छात्रवृत्ति (Scholarship) मिलेगी?
उत्तर: संस्थान द्वारा हाशिर को उनकी पढ़ाई के दौरान हर साल करीब तीन लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
प्रશ્न 3: हाशिर ने अपनी स्कूली शिक्षा कहां से पूरी की है?
उत्तर: उन्होंने अपनी इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई लखनऊ के सीएमएस (CMS) स्कूल से पूरी की है।