Breaking
► कौन हैं प्रो. तारिक मंसूर? जिन्हें बीजेपी ने राष्ट्रीय टीम में फिर दी बड़ी जिम्मेदारी ► परीक्षाओं में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं: शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने NTA को दिए सख्त निर्देश ► बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान: वसुंधरा राजे और स्मृति ईरानी को मिली बड़ी जिम्मेदारी ► काशी में उफान पर गंगा: 84 घाटों का टूटा संपर्क, नावों पर लगी रोक ► बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान: राम माधव और स्मृति ईरानी की धमाकेदार एंट्री, वसुंधरा राजे को बड़ी जिम्मेदारी ► बड़ा बदलाव! अमित मालवीय IT सेल से बाहर, राम माधव और स्मृति ईरानी की धमाकेदार वापसी ► प्रयागराज में मस्जिद गिरने की झूठी अफवाह से हड़कंप, पानी में फंसे लोगों को एनडीआरएफ ने बचाया ► बीजेपी से नाता तोड़ते ही शहजाद पूनावाला ने उठाए मोदी सरकार को हिलाने वाले सवाल ► मनोज तिवारी का प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला, बोले- 'अंहकार छोड़िए और काम करके दिखाइए' ► AAP छोड़ BJP में आए संदीप पाठक को मिला बड़ा पद, मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी ► कौन हैं प्रो. तारिक मंसूर? जिन्हें बीजेपी ने राष्ट्रीय टीम में फिर दी बड़ी जिम्मेदारी ► परीक्षाओं में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं: शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने NTA को दिए सख्त निर्देश ► बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान: वसुंधरा राजे और स्मृति ईरानी को मिली बड़ी जिम्मेदारी ► काशी में उफान पर गंगा: 84 घाटों का टूटा संपर्क, नावों पर लगी रोक ► बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान: राम माधव और स्मृति ईरानी की धमाकेदार एंट्री, वसुंधरा राजे को बड़ी जिम्मेदारी ► बड़ा बदलाव! अमित मालवीय IT सेल से बाहर, राम माधव और स्मृति ईरानी की धमाकेदार वापसी ► प्रयागराज में मस्जिद गिरने की झूठी अफवाह से हड़कंप, पानी में फंसे लोगों को एनडीआरएफ ने बचाया ► बीजेपी से नाता तोड़ते ही शहजाद पूनावाला ने उठाए मोदी सरकार को हिलाने वाले सवाल ► मनोज तिवारी का प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला, बोले- 'अंहकार छोड़िए और काम करके दिखाइए' ► AAP छोड़ BJP में आए संदीप पाठक को मिला बड़ा पद, मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज शिपिंग को लेकर ऐतिहासिक समझौता, समुद्री व्यापार को मिली बड़ी राहत

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज शिपिंग को लेकर ऐतिहासिक समझौता, समुद्री व्यापार को मिली बड़ी राहत

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। ईरान ने घोषणा की है कि उसने ओमान के साथ 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) से होकर गुजरने वाले समुद्री जहाजों की सुरक्षा और व्यापारिक आवाजाही को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति बना ली है।

समुद्री सुरक्षा को लेकर दोनों देशों में बनी बात

ईरान के विदेश मंत्रालय और नौसेना अधिकारियों के अनुसार, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में तनाव कम करना और वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित नेविगेशन को सुनिश्चित करना है। ओमान लंबे समय से खाड़ी देशों और ईरान के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है, और इस बार भी उसकी कूटनीति रंग लाई है।

इस समझौते के तहत दोनों देश समुद्री क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, आपातकालीन स्थितियों में समन्वय स्थापित करने और अनचाहे सैन्य टकरावों को रोकने के लिए मिलकर काम करेंगे।

"होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ है। ओमान के साथ हुआ यह समझौता क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।" - ईरानी विदेश मंत्रालय

दुनिया और भारत के लिए क्यों बेहद खास है 'होर्मुज'?

दुनियाभर के तेल व्यापार के लिहाज से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक:

  • 20% वैश्विक क्रूड ऑयल: दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी पतले समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।
  • एलएनजी का बड़ा मार्ग: कतर और सऊदी अरब जैसे देशों से निकलने वाली तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की सप्लाई भी इसी मार्ग पर निर्भर है।
  • भारत के लिए अहमियत: भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। होर्मुज में किसी भी तरह की रुकावट से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में आ सकती है स्थिरता

पिछले कुछ महीनों से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर हमले और जब्ती की घटनाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) के दामों में अनिश्चितता बनी हुई थी। ईरान और ओमान के बीच इस सहमति के बाद वैश्विक बाजार को एक सकारात्मक संकेत मिला है, जिससे तेल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता पूरी तरह से लागू होता है, तो इससे न केवल भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को राहत मिलेगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) पर मंडरा रहा संकट भी कुछ हद तक टल जाएगा।

✍️

रिपोर्टर: Kavya Tripathi

यह खबर हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च और प्रामाणिकता के साथ पब्लिश की गई है। हम आप तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।