क्या चुनावों में लोकतंत्र की आवाज को हिंसा के दम पर दबाया जा सकता है? गुलाम जम्मू-कश्मीर (PoJK) से आ रही ताजा तस्वीरें और खबरें कुछ ऐसा ही डरावना सच बयां कर रही हैं। क्षेत्र में चल रहे विधानसभा चुनावों के तीसरे और अंतिम चरण के दौरान हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। पाकिस्तानी सेना की कथित बर्बरता, प्रशासनिक लापरवाही और भारी हिंसा के साये में हुए इस मतदान ने चुनाव प्रक्रिया की पोल खोलकर रख दी है।
महज 4 सीटों पर हो सका मतदान, 7 सीटें अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
सोमवार को हुए अंतिम चरण के मतदान में हिंसा इस हद तक बढ़ गई कि चुनाव आयोग को कड़ा कदम उठाना पड़ा। इस चरण में कुल 11 सीटों पर वोटिंग होनी थी, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और व्यापक झड़पों के चलते केवल 4 सीटों पर ही मतदान प्रक्रिया पूरी हो सकी। बाकी बची 7 सीटों पर चुनाव को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुंछ डिवीजन की इन सात सीटों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई थी। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के कार्यकर्ताओं के बीच कई पोलिंग बूथों पर खूनी संघर्ष देखने को मिला। गोलियों की आवाज और तोड़फोड़ के बीच आम जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करने से डरती नजर आई।
पहले भी हो चुकी है बड़े पैमाने पर हिंसा
आपको बता दें कि गुलाम कश्मीर की कथित विधानसभा की कुल 45 सीटों के लिए तीन चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं।
- पहला चरण: 27 जुलाई को हुआ था, जिसमें भारी हिंसा की खबरें आईं।
- दूसरा चरण: 2 अगस्त को संपन्न हुआ, जिसमें भी धांधली के आरोप लगे।
- तीसरा चरण: सोमवार को आयोजित हुआ, जो अंततः हिंसा की भेंट चढ़ गया।
क्या हैं चुनावी नतीजे और आगे के समीकरण?
भले ही तीसरे चरण में मतदान बाधित हुआ हो, लेकिन पहले और दूसरे चरण की 34 सीटों की मतगणना पहले ही पूरी की जा चुकी है। शुरुआती रुझानों और नतीजों के अनुसार:
PML-N: 34 में से 24 सीटें जीतकर सबसे आगे चल रही है।
PPP: के खाते में अब तक 10 सीटें आई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुलाम कश्मीर की इन तथाकथित लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर पाकिस्तानी तंत्र और सेना का कड़ा नियंत्रण रहता है। आम जनता के अधिकारों का हनन यहां आम बात हो गई है। ऐसे में स्थगित की गई 7 सीटों पर दोबारा चुनाव कब होंगे, इस पर सस्पेंस बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: गुलाम कश्मीर में चुनाव क्यों स्थगित करने पड़े?
Ans: तीसरे चरण के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा, राजनीतिक दलों (PML-N और PPP) के बीच झड़पों और गंभीर सुरक्षा चिंताओं के कारण 7 सीटों पर चुनाव स्थगित करने पड़े।
Q2: तीसरे चरण में कुल कितनी सीटों पर चुनाव होना था?
Ans: तीसरे और अंतिम चरण में कुल 11 सीटों पर मतदान होना था, जिनमें से केवल 4 सीटों पर ही वोट डाले जा सके।
Q3: शुरुआती नतीजों में कौन सी पार्टी आगे चल रही है?
Ans: पहले दो चरणों की मतगणना के आधार पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) 24 सीटें जीतकर सबसे आगे है।