भीषण धमाके, धुएं का गुबार और मलबे में तब्दील होती इमारतें... यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास का इलाका एक बार फिर रूसी मिसाइलों की गूंज से थर्रा उठा है। रूस ने यूक्रेन पर हाल के महीनों का सबसे बड़ा और घातक हवाई हमला बोला है, जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, इस भीषण रूसी स्ट्राइक में अब तक 17 बेकसूर लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 44 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अस्पतालों में आपातकाल जैसे हालात हैं और मलबे के नीचे से लोगों को निकालने का काम जारी है।
24 बैलिस्टिक मिसाइलें और 115 ड्रोनों से हमला
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने इस हमले में अपनी सैन्य ताकत का क्रूर प्रदर्शन किया। हमले का पैमाना इस बात से समझा जा सकता है कि इसमें एक साथ कई तरह के घातक हथियारों का इस्तेमाल किया गया:
- 24 बैलिस्टिक मिसाइलें: जिन्हें ट्रैक और इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल होता है।
- 4 जिरकॉन/ओनिक्स (Zircon/Oniks) मिसाइलें: जो अत्यधिक तबाही मचाने के लिए जानी जाती हैं।
- 115 से ज्यादा ड्रोन: जिनमें से एक बड़ी संख्या आधुनिक जेट-संचालित (jet-powered) ड्रोनों की थी।
सैन्य ठिकाने नहीं, सिविलियन गोदाम बने निशाना
इस हमले की सबसे दुखद बात यह रही कि मिसाइलों का मुख्य निशाना कोई सैन्य छावनी या एयरबेस नहीं, बल्कि आम नागरिकों से जुड़े व्यावसायिक ठिकाने थे।
रूसी हमलों ने एक बियर बनाने वाली कंपनी (Brewing Company), कंस्ट्रक्शन मैटेरियल के गोदामों, नागरिक रसद (Civilian Logistics) केंद्रों और एक व्यस्त रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया। इन जगहों का युद्ध या सेना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।
"अगर हमारे पास पर्याप्त मात्रा में एयर डिफेंस और मिसाइल इंटरसेप्टर होते, तो आज इन 17 मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।"
पश्चिमी सहयोगियों से अपील: देरी पड़ रही है भारी
इस दर्दनाक हमले के बाद यूक्रेन ने अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU) और G7 देशों से तीखे सवाल पूछे हैं। यूक्रेन का स्पष्ट कहना है कि मित्र देशों द्वारा मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Anti-Ballistic Systems) देने में की जा रही देरी सीधे तौर पर मासूमों की मौत का कारण बन रही है।
यूक्रेन ने मांग की है कि जो देश सीधे तौर पर हथियार नहीं दे सकते, वे रूस पर सख्त से सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाएं। हैरानी की बात यह है कि रूस के बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण का एक बड़ा हिस्सा आज भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे से बाहर है। यूक्रेन ने वैश्विक समुदाय से तुरंत कड़े कदम उठाने की अपील की है।