झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में धांधली के खिलाफ जारी छात्रों का आंदोलन अब एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन के चौथे दिन पानी पीकर अपना जल त्याग का संकल्प तोड़ा। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करती, अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करेंगे।
देवेंद्र महतो का यह फैसला प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की एक मार्मिक अपील के बाद आया है। वांगचुक ने लद्दाख से वीडियो कॉल कर महतो से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया।"यह खुदकुशी जैसा है..." - सोनम वांगचुक ने जताई चिंता
वीडियो कॉल के दौरान सोनम वांगचुक ने छात्र नेता के गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "कृपया थोड़ा पानी और नमक लीजिए, इस तरह बिना जल-अन्न के रहना खुदकुशी जैसा है। न्याय मिलने में 2 से 3 हफ्ते का समय लग सकता है, और मुझे उम्मीद है कि सरकार सही फैसला लेगी।"
महतो ने बताया कि पिछले 26 सालों से झारखंड में पेपर लीक की समस्याएं बनी हुई हैं। डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने पानी नहीं पिया तो उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ेगा। वांगचुक के आश्वासन के बाद उन्होंने पानी स्वीकार किया, लेकिन एक शर्त के साथ कि वांगचुक इस पूरे आंदोलन में झारखंड के युवाओं के साथ बने रहेंगे।
आखिर क्यों सुलग रहा है झारखंड? जानिए छात्रों की मुख्य मांगें
14वें JPSC सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स परीक्षा के नतीजे आने के बाद से ही राज्य में आक्रोश का माहौल है। 25 जुलाई से शुरू हुआ यह सत्याग्रह अब उग्र रूप ले चुका है। छात्रों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- परीक्षा रद्द हो: 14वीं JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए।
- CBI जांच की मांग: JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक की निष्पक्ष CBI जांच हो।
- पारदर्शिता: मुख्य परीक्षाओं की OMR शीट और उत्तर पुस्तिकाओं को सार्वजनिक किया जाए।
- विधानसभा घेराव की चेतावनी: मांगें पूरी न होने पर प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आश्वासन और CID का एक्शन
बढ़ते जन आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही एक संवैधानिक निर्णय लिया जाएगा।
दूसरी ओर, मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीमों ने राज्यभर में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान संदिग्ध डिजिटल सबूत, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज और OMR शीट की कार्बन कॉपियां जब्त की गई हैं। अब देखना होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर कितना त्वरित फैसला लेती है।